Tuesday, December 28, 2021
Types of account in tally
Tally erp 9 notes in english
What are the different versions of Tally? – Tally ERP 9 Notes English pdf
- Tally 3.0 (1990) – Tally 3.0 is the first version of Tally. Which has been used for basic accounting requirements of small businesses. However, external and special commands are required to run the software. And it only supports Microsoft DOS.
- Tally 3.12 (1991)
- Tally 4 (1992)
- Tally 4.5 (1994)
- Tally 5.4 (1996)
- Tally 6.3 (2001)
- Tally 7.2 (2005)
- Tally 8.1 (2006)
- Tally 9 (2006)
- Tally ERP 9 (2009) – Tally erp9 notes english
Tally ERP 9 is the latest version of Tally since 2009. It is being used by the trade organization. It has advanced features including GST computation, invoicing and payroll processing, remote access, multi-user login and transaction processes. Nowadays businessmen want a complete business solution software like Tally. - Tally Prime (2020) – Tally erp9 notes english This is the latest version of Tally in which advance has been made from tally erp 9. In which we have prepared QR Code, E-invoice, E-Way Bill, Multi Printing, Bank Cancellation update, Oman VAT, e-payment as well as user friendly interface.
Basic Accounting Terms – Currently the scope of business has expanded considerably. The complexities of financial transactions have also increased in the changing environment of the global economy and business, as a result, it has become necessary for a business organization to keep an account of the regulation of financial practices. It is very difficult and impossible to remember every transaction. This is why bookkeeping emerged. Lucas Pescioli is called the father of bookkeeping.
Basic Accounting Terms – Terminology of tally
Business: –
The legal work done for the purpose of making profit is called business. Business is a broad term under which business, Production work, Sale or purchase of goods or services, Bank, Insurance, Transport companies come under it.
Types of Business
1.Manufacturing (production)
2.Trading (Sales)
3.Servicing (Service)
Trade (Business):-
The sale and purchase of goods done for the purpose of making a profit is called trade.
Profession (Profession or profession): –
Any work or means done to earn income which requires prior training, The profession is called – Doctor, teacher, Work of lawyer etc. comes under occupation.
Proprietor (Owner or Owner): –
The person starting the business, who arranges for the necessary capital and carries the risk of loss and loss of the officer to receive the profit., The owner of the business is called.
Capital (Capital)
Money to start a business by the owner of the business, It is imposed as cash or other property, it is called capital. In the business, the capital is employed for the purpose of profit, that part of the profit which is not removed from the business,Capital: – Assets – Responsibilities
नोन एकाउंटिग वाउचर ( Non Accounting Voucher )
Saturday, December 25, 2021
टैली में एकाउंटिंग वाउचर के प्रकार – Types of Accounting Voucher In Tally
टैली में एकाउंटिंग वाउचर के प्रकार – Types of Accounting Voucher In Tally
टैली में मुख्य रूप से एकाउंटिंग वाउचर निम्न प्रकार के होते है –
- Contra Voucher
- Payment Voucher
- Receipt Voucher
- Journal Voucher
- Sales Voucher
- Purchase Voucher
- Credit Note Voucher
- Debit Note Voucher
कोन्टरा वाउचर ( Contra Voucher ( F4 )
जब हम बैंक से कोई लेनदेन करते है तब contra voucher का प्रयोग करते है ! इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हम बैंक में cash जमा करवाते है या फिर cash withdraw करते है ! फण्ड को एक बैंक से दुसरे बैंक में ट्रान्सफर करने पर भी contra वाउचर का use किया जाता है ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F4 key का use किया जाता है !
contra वाउचर का प्रयोग मुख्य रूप से तीन प्रकार के transaction में किया जाता है –
- Cash Deposit in Bank
- Cash Withdraw from Bank
- Bank to Bank Transfer
पेमेन्ट वाउचर ( Payment Voucher ( F5 ) ) -
भुगतान वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमें किसी पार्टी को payment करना हो या फिर किसी भी प्रकार के खर्चे का भुगतान करना हो , चाहे यह भुगतान cash में किया जाता है या फिर bank के माध्यम से , तब इस वाउचर का प्रयोग किया जाता है ! payment वाउचर का use करने के लिए F5 key का प्रयोग किया जाता है !
निम्न प्रकार के लेनदेनो के लिए payment voucher का प्रयोग किया जायेगा –
- किसी पार्टी को भुगतान करना ( Cash / Bank Paid to Ram )
- किराया दिया ( Rent Paid )
- वेतन दिया ( Salary Paid )
रिसीप्ट वाउचर ( Receipt Voucher ( F6 )
इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमारे पास पैसा आता है ! अब चाहे यह पैसा हमारे पास cash में आता हो या फिर bank के माध्यम से दोनों ही स्थिति में receipt voucher का use किया जायेगा ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F6 का प्रयोग किया जाता है !
निम्न लेनदेनो को receipt वाउचर में किया जाता है –
- किसी व्यक्ति या पार्टी को उधार में बेचे गए माल का पैसा प्राप्त होने पर !
- व्यवसाय की कोई सम्पति नगद में बेचने पर !
- कमीशन प्राप्त होने पर !
जर्नल वाउचर ( Journal Voucher ( F7 ) ) -
इस वाउचर का प्रयोग मुख्य रूप से adjustment के लिए किया जाता है ! यानि की जो एंट्रीज़ अन्य वाउचर में नहीं की जाती है उसकी entry जर्नल वाउचर में ही की जाती है ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F7 key का प्रयोग किया जाता है !
निम्न प्रकार के लेनदेनो की entry इस वाउचर में की जाएगी –
लोन पर ब्याज की इंट्री !
क्रेडिट पर किसी सम्पति को खरीदना और बेचना !
सम्पति पर ह्रास ( Depreciation ) चार्ज करना !
Bills Receivable और Bills Payable की इंट्री आदि !
सेल्स वाउचर ( Sales Voucher ( F8 ) ) -
इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमारे द्वारा कोई माल या वस्तु बेचीं जाती है , चाहे यह उधार में हो या फिर cash में ! sales वाउचर के प्रयोग के लिए F8 key का use किया जाता है !
Example :
राम को 1000 का माल बेचा !
नगद में 5000 का माल बेचा !
नगद में मशीनरी बेचीं, आदि !
परचेज वाउचर ( Purchase Voucher ( F9 ) ) -
इस वाउचर का प्रयोग व्यवसाय के लिए जो भी सामान या गुड्स purchase करते है , चाहे वह हम नगद में खरीदते है या फिर उधार में , सभी लेनदेन की entry purchase voucher में की जाएगी ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F9 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
Ram से नगद माल ख़रीदा !
फर्नीचर ख़रीदा !
मशीनरी खरीदी !
क्रेडिट नोट वाउचर ( Credit Note Voucher ) -
इस वाउचर का प्रयोग तब किया जाता है जब हम ख़रीदे हुए माल को वापस रिटर्न करते है ! इसके अलावा माल पर मिलने वाले डिस्काउंट के सम्बन्ध में भी इसका use किया जाता है ! debit note voucher के लिए Ctrl + F9 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
ख़रीदा हुआ माल सप्लायर को वापस रिटर्न किया !
माल पर डिस्काउंट प्राप्त हुआ !
डेबिट नोट वाउचर ( Debit Note Voucher ) -
इस वाउचर का प्रयोग हमारे द्वारा बेचे गए माल में से कुछ या पूरा माल वापस रिटर्न हो जाता है तो इस transaction की entry credit note voucher में की जाएगी ! इसके अलावा यदि हम बेचे गए माल पर डिस्काउंट देते है तो उसकी entry भी इसी वाउचर में की जाएगी ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए Ctrl + F8 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
बेचा हुआ माल वापस प्राप्त हुआ !
बेचे गए माल पर डिस्काउंट दिया !
दोस्तों उम्मीद karti hu Accounting Voucher Kya Hai और इसके कितने प्रकार होते है Types of Accounting Voucher In Tally In Hindi लेख आपको अच्छा लगा होगा ! यदि इस लेख में कोई बात समझने में आपको प्रॉब्लम है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है ! इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे !
Friday, December 24, 2021
TALLY NOTES IN HINDI
Tally Notes In Hindi
Tally Silver - यह Tally Single User होती है इस Tally में एक समय में एक ही user काम कर सकता है इसके । लिए किसी भी Networking की आवश्यकता नहीं होती हैं ।
Tally Gold - यह Tally Multi user होती है इस Tally में एक समय में दो या दो से ज्यादा user एक साथ काम कर सकते है इस Tally को चलाने के लिये ( Local Area Network ) की आवश्यकता होती है ।
Tally दो Mode में चलती हैं ।
Educational Mode
Professional Mode
👉Educational Mode - इस Tally में 1 , 2 , 31 तारीख ही काम ली जाती हैं उसके अलावा अन्य किसी भी Date में इस Mode में Entry नहीं की जाती हैं । इसे हर साल Upload नहीं करना होता हैं ।
👉Professional Mode - इस Tally का Use Business Perpose के लिये किया जाता हैं इस Tally में Machine की सभी Date को काम में लिया जा सकता हैं । यह Tally Licencess Validity के बाद Expire हो जाती हैं । यह Tally को हर बार Upload करना पड़ता हैं ।
Tally Screen
Tally screen को चार भागों में Divide किया गया हैं ।
⭐Tool Bar :- टूल बार में Tally का जैसे Printf , E - Mail , Expert , Upload , Keyboard , Language , Help Etc. टूल होते हैं ।
⭐work Area :- यह Tally का वह Area होता है , जहाँ पर Accounting का सम्पूर्ण कार्य किया जाता है । Work Area के लिये ( Ctrl + M ) press करते हैं ।
⭐Calculator :- Calculator में जाने के लिये ( Ctrl + N ) press करते है । जहाँ पर हम कोई भी Calculator सम्बन्धी कार्य कर सकते है ।
⭐Button Bar :- यह Tally में Right Side की तरफ होती है । यहाँ जो जो Option हमने Activate कर रखे है , उन Features को Show करती है कि उन Features को Use में लेने में कौनसी Key Press करनी है ।
टैली
टैली एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर हैं जो अन्य सॉफ्टवेयर की तरह यूजर द्वारा ही ऑपरेट किया जाता हैं । यह एक ऑटो कम्प्यूटेशन सॉफ्टवेयर हैं । इसमें यूजर्स को मुख्यतः तीन कार्य करने होते हैं ।
* कम्पनी बनाना* लेजर बनाना* वाउचर एंट्री करना
जब आप पहली बार किसी फर्म के एकाउंटस को टैली में मैनेज करना चाहते हैं , तो सबसे पहले उस फर्म के नाम से कम्पनी तैयार करनी होगी । यह कम्पनी टैली में कार्य की शुरूआत करने से पहले बनाई जाती हैं ।
⭐Create Company - टैली में कम्पनी बनाने के लिए कम्पनी इन्फों मैन्यू ( Alt + F3 ) या ( Alt + F1 ) मे जाकर Create Company विकल्प चुनें ।
⭐Directory - यह फील्ड पहले से ही भरा हुआ होता हैं इस फील्ड में टैली का वह पाथ होता हैं , जहाँ टैली सॉफ्टवेयर लोड होता हैं । कर्सर इस फील्ड को छोड़ देता हैं और बनाई जाने वाली कम्पनी स्वतः ही इस डायरेक्ट्री में स्टोर हो जाती हैं ।
⭐ Name - इस फील्ड में वह नाम एंटर करें , जिस नाम से कम्पनी बनाना चाहते हैं ।
⭐ Mailing Name - इस फील्ड में कम्पनी का मेलिंग नेम एंटर करें । सामान्यतः कम्पनी का नाम ही मैलिंग नेम होता है |
⭐ Address - इस फील्ड में कम्पनी का पूरा पता एंटर किया जाता हैं ।
⭐ Statutory Compliance For - इस फील्ड में वह देश का नाम एंटर किया जाता हैं जिस देश में कम्पनी स्थापित है |
⭐ State - इस फील्ड में उस राज्य को एंटर किया जाता हैं जिस राज्य में आपका कारोबार स्थापित हैं ।
⭐ Pin Code - इस फील्ड में उस स्थान का पिन कोड एंटर करें , जहाँ कम्पनी स्थापित हैं ।
⭐ Telephone Number - इस फील्ड में कम्पनी का टेलीफोन नम्बर एंटर करें ।
⭐ E-mail Address - इस फील्ड में कम्पनी का ई - मेल एड्रेस एंटर करें ।
⭐ Maintain - यदि आप कम्पनी में केवल एकाउंट्स से सम्बंधित ही कार्य करना चाहते हो , तो Accounts Only ऑप्शन सलेक्ट करें । यदि आप एकाउंट्स के साथ साथ स्टॉक भी मैनेज करना चाहते हों , तो Accounts With Inventory सलेक्ट करें ।
⭐ Financial Year From - इस फील्ड में वित्तीय वर्ष शुरू होने की तिथी एंटर करें ( 01 - Apr - . . . . . . )
⭐Books Beginning From - इस फील्ड में बुक्स ऑफ एकाउंट्स शुरू करने की तिथी एंटर करें ।
⭐Security Control - यदि आप कम्पनी पर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय करना चाहते हैं , तो इस ऑप्शन को यस करें और इसे यस करने के बाद इसमें यूजर नेम और पासवर्ड एंटर करें ।
⭐Company Creation Screen में सभी सूचनायें को एंटर करने के बाद कम्पनी को सेव कर दें या ( Ctrl + A ) Press करें ।
कम्पनी सलेक्ट करना
👉Gateway of Tally ⇨ F1 ( Select Company )
या
👉Gateway of Tally ⇨ Alt + F1 ( Select Company )
या
👉Gateway of Tally ⇨ Alt + F3 ( Select Company )
⭐कम्पनी में सशोधन करना
यदि आप पहले से बनाई हुई कम्पनी में किसी प्रकार का परिवर्तन करना चाहते हैं , तो गेटवे ऑफ टैली से F1 कुंजी दबाकर वह कम्पनी सलेक्ट करें , जिसमें आप परिवर्तन करना चाहते हों । कम्पनी सलेक्ट करने के बाद Alt + F3 कुंजी दबाए , जिससे कम्पनी इन्फों मैन्यू प्रदर्शित होगा । यहाँ से ऑल्टर ऑप्शन सलेक्ट करें । इससे कम्पनी ऑल्टरेशन स्क्रीन प्रदर्शित होगी । आप इसमें परिवर्तन करने के बाद इसे सेव कर दें ।
Gateway of Tally ⇨ Press F1 ( Select the Company ) ⇨ Alt + F3 ⇨ Alter ⇨ Select company
⭐कम्पनी हटाना
किसी भी कम्पनी को डिलीट करने के लिए पहले उस कम्पनी को सलेक्ट करें । फिर Alt + F3 कुंजी दबाकर कम्पनी इन्फों मैन्यू से Alter ऑप्शन सलेक्ट करें । जिस कम्पनी को डिलीट करना चाहते हैं उसे सलेक्ट करें और सलेक्ट करने के बाद उसे Alt + D कुंजी का प्रयोग करें । जिससे सलेक्ट की हुई कम्पनी डिलीट हो जायेगी ।
Gateway of Tally ⇨ Press F1 ( Select the Company ) ⇨ Alt + F3 ⇨ Alter ⇨ Select company ⇨ Alt + D
⭐Accounts Group
एकाउंट्स ग्रुप एकाउंट्स इन्फों मैन्यू में प्रदर्शित होते हैं । जहाँ से एकाउंट्स ग्रुप को मैनेज किया जाता हैं । टैली स्वयं कुल 28 ग्रुप तैयार करती हैं । जिसमें 15 प्राइमरी और 13 सब - ग्रुप होते हैं । इनके अलावा यूजर स्वयं के ग्रुप भी तैयार कर सकता हैं ।